
हरोली (ऊना)। ललड़ी क्षेत्र में एक अध्यापिका की बीएड की कथित फर्जी डिग्री के मामले में वाराणसी का संस्थान माजरा भांप गया है। ऐसा माना जा रहा है कि संस्थान को पता चल गया है कि हिमाचल में संस्थान के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ है। इसलिए संस्थान शिक्षा विभाग को जवाब नहीं भेज रहा है।
शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षिका की बीएड की डिग्री कब्जे लेकर वाराणसी के संबंधित संस्थान को भेजी है। एक महीना बीत जाने के बाद भी संस्थान से शिक्षा विभाग को जवाब नहीं मिला है। बीईईओ हरोली गुरदीप सिंह ने कहा कि संस्थान को रिमाइंडर भी भेजा गया। लेकिन फिर भी कोई जवाब नहीं आया। ललड़ी के गुरबारा सिंह ने शिक्षा विभाग के पास फर्जी डिग्री मामले की शिकायत की थी। गुरबारा सिंह ने भी वाराणसी के संबंधित संस्थान को शिक्षिका की बीएड की डिग्री की प्रति भेजी थी। संस्थान से गुरबारा सिंह को मिले जवाब में स्पष्ट लिखा है कि इस नाम तथा नामांकन संख्या का कोई भी छात्र या छात्रा संस्थान के पास पंजीकृत नहीं है। गुरबारा सिंह ने संस्थान से आए जवाब की प्रति भी शिक्षा विभाग को सौंप रखी है। डिग्री को कब्जे में लेने के बाद विभाग ने भी अपने स्तर पर इसकी सत्यता जांचने के लिए इसे वाराणसी भेजा। अब संस्थान की ओर शिक्षा विभाग को जवाब न आने से विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस प्रकरण में शिक्षा विभाग ने जैसे ही शिक्षिका की डिग्री कब्जे में ली थी तो उसके अगले दिन शिक्षिका ने पुलिस को शिकायत पत्र सौंपते हुए एक नेता पर आरोप जड़ा था, उन्हें यह डिग्री डेढ़ लाख रुपये में एक नेता ने दिलाई है। शिक्षा विभाग को वाराणसी से मिलने वाले जवाब के बाद पुलिस भी आगामी कार्रवाई अमल में लाएगी।
इस संदर्भ में बीईईओ गुरदीप सिंह ने कहा कि जैसे ही वाराणसी के संस्थान से जवाब आएगा तो मामले आगामी कार्रवाई होगी।
